पोला पर्व – पशुधन और किसान संस्कृति का उत्सव

पोला पर्व – पशुधन और किसान संस्कृति का उत्सवपोला छत्तीसगढ़ का एक प्रमुख कृषि पर्व है, जिसे भादो अमावस्या के दिन मनाया जाता है। यह पर्व विशेष रूप से किसानों और पशुपालकों के लिए महत्वपूर्ण होता है। इस दिन बैलों की पूजा की जाती है, जिन्हें किसान अपने परिवार का सदस्य मानते हैं।पोला पर्व के अवसर पर बैलों को नहलाया जाता है, उन्हें नए साज-सामान पहनाए जाते हैं और उनके सींगों को सजाया जाता है। गाँवों में पारंपरिक खेल, लोकगीत और मेलों का आयोजन होता है। बच्चे लकड़ी के खिलौना बैलों के साथ खेलते हैं, जिसे पोला खेल कहा जाता है।यह पर्व किसान और पशुधन के बीच के गहरे रिश्ते को दर्शाता है। पोला छत्तीसगढ़ की कृषि आधारित संस्कृति की आत्मा है।

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