बोरे-बासी छत्तीसगढ़ का पारंपरिक भोजन है, जिसे खासकर ग्रामीण और श्रमिक वर्ग द्वारा खाया जाता है। यह बासी चावल और पानी से बनता है और गर्मी के मौसम में शरीर को ठंडक देता है।
आज के समय में जब लोग हेल्दी फूड की तलाश कर रहे हैं, तब बोरे-बासी को सुपरफूड के रूप में पहचाना जा रहा है। इसमें फाइबर और प्रोबायोटिक गुण पाए जाते हैं, जो पाचन के लिए लाभकारी होते हैं।
छत्तीसगढ़ सरकार ने भी बोरे-बासी को बढ़ावा देने के लिए विशेष अभियान चलाए हैं। यह भोजन छत्तीसगढ़ की सादगी और संस्कृति का प्रतीक है।

