– प्रकृति पूजा की परंपराकरमा नृत्य छत्तीसगढ़ और झारखंड क्षेत्र की जनजातियों द्वारा किया जाने वाला प्रमुख लोकनृत्य है। यह नृत्य करमा देवता की पूजा से जुड़ा हुआ है, जिन्हें प्रकृति और फसलों का रक्षक माना जाता है।यह नृत्य विशेष रूप से भादो महीने में किया जाता है। युवक-युवतियाँ गोल घेरा बनाकर नाचते हैं और पारंपरिक गीत गाते हैं। करमा नृत्य सामूहिकता और प्रकृति के प्रति सम्मान का प्रतीक है।आज भी आदिवासी अंचलों में करमा नृत्य पूरी श्रद्धा और उत्साह से किया जाता है।
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